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RAJMA CHAWAL ( A FAMOUS NORTH INDIAN COMFORT FOOD MADE WITH SOFT RED KIDNEY BEANS )
राजमा भारतीय उपमहाद्वीप का एक शाकाहारी व्यंजन है, जिसे चावल के समेत जाता हे परोसा ,
यह उत्तरी भारत, नेपाल और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के लोगों के नियमित आहार का हे हिस्सा
गाढ़ी ग्रेवी में प्याज, लहसुन, अदरक, टमाटर की प्यूरी , जीरा, और अन्य मसालों सहित हे पकाते ,
मध्य अमेरिका से भारत आया इसे अक्सर कटे हुए कांदे , ताज़े नींबू, आम के अचार के साथ खाते
इन दोनों का मेल एक ऐसा भोजन बनाता, जिसमें सभी ज़रूरी अमीनो एसिड के साथ पूरा ही प्रोटीन मिलता ,
डाइटरी फ़ाइबर, फोलेट मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाचन और दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करता
नई बहू की असली परीक्षा दाल या सब्जी से नहीं, बल्कि परफेक्ट किडनी बीन्स राइस पेश कर ससुराल में सबका दिल जीत लेती
राजमा से इसके अलावा कई अन्य अनूठे पकवान भी बनते , ये सिर्फ डिश नहीं , बल्कि लोगों की भावनाओं से जुडी एक अनुभूति
SHAHI PANEER / MATAR PANEER ( RICH , CREAMY & MILDLY SWEET TASTE / MILDLY SPICY, SAVORY & TANGY FLAVOUR )
लंच या डिनर में खाये मटर पनीर और शाही पनीर दोनों में ही पनीर करी में टमाटर, प्याज़, नट्स और क्रीम से बनी ग्रेवी गाढ़ी होती मसालेदार
मटर वाले में हरे मटर के साथ प्याज़ टमाटर का बेस होता मुख्यत जबकि शाही को काजू , मगज और खड़े मसालों को भूनकर करते तैयार
शाही पनीर का टेक्सचर बहुत मुलायम , रेशमी होता क्योंकि ग्रेवी की सामग्री को अच्छी तरह पीसते , हे यह पार्टियों जैसे विशेष अवसर , मटर पनीर की बनावट थोड़ी मोटी और हल्की होती, जिसमें प्याज़, टमाटर, और मटर के टुकड़े दिखाई देते, हे यह डेली मील्स के तौर पर
शाही पनीर रिच, क्रीमी , हल्की मीठी और सुगंधित मसालों से लबालब भरी यह उत्तर भारतीय क्लासिक डिश हे अपने नाम के मुताबिक बिल्कुल
फ्लैटब्रेड ,चावल के साथ बढ़िया लगती मटर पनीर की खासियत मटर की नैचुरल मिठास और मसालों के तीखे स्वाद का हे बेहतरीन तालमेल
शाही' शब्द का अर्थ 'राजाओं से जुड़ा हुआ, फूड एटलस में शाही पनीर को दुनिया की तीसरी सबसे पॉपुलर डिश का दर्जा मिला हे इतनी प्रचलित
कभी मटर पनीर की सब्जी में से पनीर खाकर, लोग मटर को छोड़ देते, वही कई बार ढाबे में मटर इतनी कम होती की ढूंढने की पड़ जाती जरूरत
VEG BIRYANI ( A FRAGRANT, FLAVORFUL INDIAN RICE DISH )
खास अवसरों या रोज के खाने में वेज बिरयानी , ताजी सब्जियों और खुशबूदार मसालों से बना एक बेहद लोकप्रिय और स्वादिष्ट व्यंजन है शाकाहारी ,
लंबे दाने वाले बासमती चावल भिगोते आधा घंटा, गाजर, मटर, बींस, गोभी, आलू जैसी सब्जियों को काट कर रखते पहले से करके रखते यह तैयारी
घी / तेल में पकाकर , इसमें खड़े मसालों ,दही, अदरक-लहसुन पेस्ट, पुदीना, हरा धनिया डालते , केसर और तली हुई प्याज से आता विशिष्ट स्वाद ,
करीब 75% तक परिपक्व साबुत मसाले सहित राइस, को बर्तन में हस्तांरित कर सब्जी की परते लगाकर, धीमी आंच पर रखे करके ढक्कन बंद
एरोमेटिक हर्ब्स , पौष्टिक तरकारी से सजाई गयी लखनवी, हैदराबादी, कोलकाता, नीलगिरी, सिंधी, अंबू, अन्य प्रकार के रूप भी हुए हे विकसित ,
इसका यह संस्करण हे अल्प कैलोरी वाला फ़ूड इसलिए वजन कम करने वालो के प्रयास के लिए बेहतरीन विकल्प, साथ ही पोषक तत्वों से युक्त
वैसे आपको फटाफट तैयार करनी हो , प्रेशर कुकर तो हे ही घर में, परन्तु असली का मजा चाहिए तो फिर हांड़ी में टाइम लगाकर करे इसे तैयार ,
नॉन-वेज प्रेमियों की नजर में असल में सिर्फ "पुलाव" , इसको पंद्रह से ज्यादा अलग-अलग पारंपरिक तरीके और शैली से प्रस्तुत कर सकते बनाकर
DAL TADKA WITH JEERA RICE ( FORM AN ICONIC , COMFORTING NORTH INDIAN MEAL PAIRING )
बहुत ही पसंदीदा और सुकून देने वाला खाना , जीरा राइस और दाल तड़का , जो कॉम्बिनेशन पूरे भारत में ढाबों और घरों में आम तौर पर खाते
अरहर की या मिली-जुली दालों में लहसुन, प्याज़, टमाटर का छौंक लगाकर , चावल को घी में खुशबूदार क्यूमिन सीड्स खड़े मसालों के साथ पकाते
जीरा राइस का अपना कोई खास स्वाद नहीं होता लेकिन यह पनीर की ग्रेवी और मीट करी जैसे ज़ायकेदार व्यंजनों के लिए हे एक आदर्श न्यूट्रल
दाल तड़के का तीखापन बैलेंस करने हेतु हे खीरे या प्याज़ का रायता, चपाती , बटर नान , लच्छा पराठा, जीरा पुलाव के अलावा भी हे बेहतरीन मेल
दोनों को संयुक्त रूप खाने से एक संपूर्ण प्रोटीन प्रोफ़ाइल बनता , शाकाहारियों के लिए मसल्स बनाने और टिश्यू की मरम्मत करने के लिए उत्तम ,
दाल में भरपूर फ़ाइबर कब्ज़ को रोक, पाचन तंत्र को मजबूत करते , जीरे में एक्टिव कंपाउंड पेट फूलने की समस्या को कम कर , देते उसे आराम
जब हॉस्टल का खाना अच्छा न लगे, तो मन करता दाल में खुद ही लगा दो तड़का ,लाल मिर्च का छौंक ऐसा रंग देता कि धारण करी हो कोई पार्टी ड्रेस,
छौंकण से छन-छन की आवाज़ रसोई का म्यूजिक कॉन्सर्ट , दाल, चावल का सही अनुपात सब के लिए अलग, फिर भी इमोशनल हीलर जब हो उदास
BHINDI MASALA ( A POPULAR INDIAN DISH , CAN BE PREPARED AS SEMI DRY OR IN RICH GRAVY )
भिंडी मसाला उत्तर भारत की एक लोकप्रिय डिश है जो बनती प्याज़, टमाटर और रोजाना में इस्तेमाल होने वाले मसाले आमतौर
नैचुरली वीगन, ग्लूटेन-फ़्री , इसे सूखी सब्ज़ी की तरह या फिर गाढ़ी ग्रेवी के साथ तैयार करे, काटने से पहले ओकरा को धोकर
तलने से भिंडी कुरकुरी हो जाती, क्योंकि यह पहले से ही नरम होती, कम तेल और सेहतमंद रेसिपी के लिए कर सकते एयर-फ्राई,
इसमें डाइटरी फाइबर, विटामिन A, C , K और एंटीऑक्सीडेंट्स होते लेकिन आखिर में कितने मिलेंगे निर्भर हे कि कैसे गयी पकाई
तासीर ठंडी होने के कारण इसे गर्मियों के मौसम में खाना बहुत फायदेमंद , रोटी, परांठे के अलावा दाल-चावल के साथ भी बहुत भाती ,
इसमें मौजूद ऑक्सलेट पथरी की समस्या को बढ़ा सकता, वैसे आसानी से पचने वाली , पित्त दोष , थकान को दूर कर, स्टैमिना को बढाती
मैग्गी मैजिक मसाला का जादू , कसूरी मेथी और दही डालकर आप घर पर ही बनाये रेस्टोरेंट या ढाबा स्टाइल में एकदम स्वादिष्ट
तारीफों के पुल खिली हुई भिंडी के अलावा , गृहणी के चेहरे पर लाये खिलखिलाहट , बच्चे ही नहीं बड़े भी खाये उंगलिया चाट चाट
DAL MAKHNI ( SPECIALITY LIES IN ITS ULTRA CREAMY TEXTURE , RICH BUTTERY FLAVOUR )
दाल मखानी एक क्लासिक उत्तर भारतीय व्यंजन है , जिसे बनाने में काफी वक़्त लगता इसलिए इसको चखने के भी लिए करना पड़ता बहुत वेट ,
साबुत काली उड़द दाल और राजमा को मक्खन, क्रीम , हल्के मसालों के साथ भूनकर देती इसको स्मोकी , मक्खनी स्वाद ,रेशमी समृद्ध बनावट
मक्खन , क्रीम से कैलोरी और सैचुरेटेड फैट ज़्यादा होता , लेकिन रेसिपी में बदलाव करके इसे अच्छी हेल्थ के लिए बेहतर बनाया जा सकता ,
मिनरल्स कुल ऊर्जा स्तर को बरकरार रख , मांसपेशियों के विकास, मरम्मत में सहायक , प्लांट-बेस्ड प्रोटीन रोज़ाना की ज़रूरत को पूरा करता
दिल्ली मोती महल रेस्टोरेंट के शेफ कुंदन लाल ने किया इसको विख्यात , का इतिहास जुड़ा हे भारत के विभाजन और पंजाब के पारंपरिक भोजन , मैदा या आटे की सेकी हुई नान दाल मखनी की गाढ़ी ग्रेवी को बहुत अच्छे से सोखती , घर की घी/मक्खन लगी रोटी के साथ भी हे सेहतमंद संयोजन
बटर चिकन कनेक्शन , धीमी आंच का यह जादू , घंटों तक कोयले या लकड़ी की आग पर रखने से ही आती हे इसमें लज्जत वास्तविक
यह केवल वहम हे कि इसका नाम बहुत सारा बटर डालने से पड़ा ,पर काफी देर तक पकाने से ही हो जाता मखमली टेक्सचर स्वाभाविक
MALAI KOFTA ( A LUXURIOUS DISH FEATURING GOLDEN BROWN DUMPLINGS , SERVED IN A RICH VELVETY , CREAMY GRAVY )
उत्तर भारत की एक मशहूर डिश है , जिसमे कॉटेज चीज़ और आलू से बने नरम, तले हुए , मुँह में घुल जाने वाले पकौड़े होते है मलाई कोफ़्ता ,
कटे हुए मेवे, किशमिश और हल्के मसाले मिलाते , फिर डीप-फ्राई करने से पहले कॉर्नस्टार्च की मदद से मिश्रण को एक साथ जोड़ा जाता
इसका बेस बनाते , ताजी क्रीम में डालकर प्याज़, टमाटर, अदरक, लहसुन का पेस्ट , मक्खन मिलाकर बनाई जा सकती और भी शानदार ,
इसके अलावा खोये से कोफ्ते ज्यादा सॉफ्ट हो जाते और बेसन उसे तेल में फटने से रोकता , काजू मिक्स देता गाढ़ा , राजसी , रिच टेक्सचर
प्रोटीन , कैल्शियम , मैग्नीशियम जैसे मिनरल और आवयश्क एंटीऑक्सीडेंटस हे , पर इसमें मात्रा अधिक होती हे फैट और कैलोरी ,
सेहतमंद बनाने के लिए बॉल्स को बेक या एयर-फ्राई करें , करी को हल्का रखे , फाइबर हेतु पालक, गाजर को कद्दूकस कर ले जरुरी
मूल रूप से कोफ्ते मांस से बनते थे , लेकिन भारतीय रसोइयों ने इसे पनीर और पोटैटो से बनाकर तय कराया मांसाहारी से शाकाहारी तक का सफर ,
हिंदुस्तान की किसी भी पार्टी , शादी के मेनू की खास डिश में से एक , ग्रेवी चाहे लाल / भूरे टमाटर की हो या शाही दोनों में ही खाई जाती जमकर