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ROASTED GRAM FLOUR – SATTU KA ATTA ( KNOWN AS A “POWERHOUSE OF ENERGY”, STAPLE IN STATES LIKE BIHAR, UTTAR PRADESH & JHARKHAND )
सत्तू का आटा, काले चने और कुछ धान कूटकर बनता , टेक्सचर बारीक से लेकर दरदरी, गर्मियों में शरीर को ठंडा रखता, है सुपरफ़ूड,
अनाज को पहले ही भून लिया जाता है, इसलिए इसे पकाने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं क्यूंकि इसमें मौजूद स्टार्च होता हे जिलेटिनाइज़्ड
ड्रिंक के तौर पर, पानी, छाछ में मिलाकर तुरंत ले सकते, पेट को साफ़ रखता और उसे लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता,
रोटी, लिट्टी के लिए स्वादिष्ट फिलिंग तैयार होती, स्वादिष्ट पैनकेक के अलावा, दूध दलिया या गुड़ के साथ इसका मीठा भी बन सकता
माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, मैग्नीशियम कैल्शियम, ज़रूरी अमीनो एसिड का है बेहतरीन स्रोत,
ब्लड शुगर बढ़ाए बिना लगातार ऊर्जा देता , जिससे यह डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए उम्दा विकल्प ,मांसपेशियों की भी करता मरम्मत
प्राचीन 'मगध' की देन, अब हे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब के खान-पान का एक अहम हिस्सा,
कुछ संस्कृतियों में असली सत्तू केवल चने से नहीं बनता बल्कि सात अनाजों को एक साथ जाता है पीसा
WATER CHESTNUT FLOUR – SINGHADE KA ATTA – HIGHLY NUTRITIOUS, STAPLE INGREDIENT FOR HINDU FASTING DIETS ( VRAT ) IN INDIA
सिंघाड़े का आटा पानी में उगने वाले चेस्टनट को सुखाकर और पीसकर बनता, उपयोग होता मुख्यत व्रत ( जैसे नवरात्रि ) ठंडी होती तासीर,
एक बाइंडिंग एजेंट, क्षारीय प्रकृति का होता ,ऊर्जा प्रदान करने वाला, पेट की एसिडिटी को संतुलित कर, पाचन क्रिया में भी करता सुधार
टेस्ट थोड़ा मीठा और अखरोट जैसा विटामिन-बी 6, विटामिन-बी 1, पोटेशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता,
ब्लड शुगर नियंत्रक इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा की ड्राइनेस कम करते, बालों की जड़ों को पोषण देने में मदद करता
नवरात्रि जैसे धार्मिक व्रतों में पूरी , मिठाई बनाने में करते अत: भारतीय खाने में यह 'फलाहारी' चीज़ के तौर पर बहुत लोकप्रिय, चिकनी बनावट और तटस्थ स्वाद के लिए जाना जाता, वास्तव में स्टार्च हे, यह विशेषता आपको मुश्किल से ही मिलेगी आटे अन्य
किसी स्वच्छ बगीचे में नहीं, बल्कि गंदे तालाब और कीचड़ में उगता, पर साफ होने के बाद, उपवास का 'पवित्र' खाना बन जाता इसका ही पाउडर,
साबुत सिंघाड़ा देखने में बिल्कुल उड़ने वाले चमगादड़ लगता, जिसे देखकर आप सोच में पड़ जाते कि यह फल है या कोई हॉरर फिल्म का किरदार
BUCKWHEAT FLOUR – KUTTU KA ATTA – ( GLUTEN FREE PSEUDOCEREAL PACKED WITH PLANT – BASED PROTIEN, DIETARY FIBER & ESSENTIAL MINERAL LIKE MAGNESIUM )
कुट्टू का आटा वास्तव में अनाज नहीं बल्कि एक फल का बीज है, एक पौष्टिक और ग्लूटेन-फ्री सुपरफूड
समग्र शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आधारभूत, सम्पूर्ण प्रोटीन वाला लिए हुए सभी नौ आवश्यक अमीनो एसिड
अंग्रेजी में इसे 'Buckwheat' कहते लेकिन असल में गेहूं इसका दूर-दूर तक भी रिश्तेदार नहीं, इसके दाने हे बिल्कुल त्रिकोणीय आकार, हे तो बाहुबली जैसी एनर्जी देने वाला, परन्तु इतना ढीला होता कि बेलने पर टूट जाता, तो इसके परांठे, पूरी बनाना नहीं कम किसी एडवेंचर
गर्म तासीर, भारत में इसका उपयोग मुख्य रूप से उपवास / व्रत ( जैसे एकादशी, नवरात्रि, शिवरात्रि, जन्माष्टमी ) के दौरान किया जाता,
स्वादिष्ट पूरियां, पकौड़े, चीले, हलवा आदि व्यंजन बनते, एयरटाइट डिब्बे में ठंडी, सूखी जगह पर स्टोर करे क्यूंकि यह जल्दी खराब हो सकता
इसमें खास तत्व (जैसे 'डी-चाइरो-इनोसिटोल') शुगर लेवल को स्थिर रख, 'रुटीन' एंटीऑक्सीडेंट रक्त संचार को बनाता बेहतर,
अधिक सेवन करने पर सूजन, गैस, पेट दर्द जैसी समस्याये हो सकती, विटामिन K बाधा डाल सकता हे दवाइयाँ थायराइड या ब्लड थिनर
RICE FLOUR – CHAWAL KA ATTA ( WIDELY USED AS A WHEAT SUBSTITUTE, BECAUSE IT IS NATURALLY GLUTEN FREE )
चावल का आटा बारीक पिसे हुए चावलों से बनता, का उपयोग पारंपरिक भारतीय व्यंजनों, बेकिंग, सौंदर्य के लिए व्यापक रूप से किया जाता,
एक बेहतरीन नेचुरल एक्सफोलिएटर, त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाकर, रंगत निखारने और चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाने में मदद करता
पकोड़े, डोसा, या चीला में इसे मिलाने से यह बहुत कुरकुरे बनते, साथ ही इडली, मोदक, पीठा जैसे तैयार होते इससे प्रचलित व्यंजन,
दिल के लिए अच्छा विकल्प क्यूंकि हे कोलेस्ट्रॉल और वसा मुक्त, अन्य अनाजों की तुलना में पेट के लिए हे हल्का, अत: पचाने में आसान
सूप, ग्रेवी और सॉस को गाढ़ा करने के लिए इस्तेमाल करते, अच्छी मात्रा में पाए जाते इसमें फाइबर, विटामिन, और मैग्नीशियम जैसे खनिज
इसके बिना पारंपरिक भारतीय त्योहार अधूरे हैं, सिर्फ एक किलो चावल उगाने हेतु ढाई हजार लीटर पानी लगता क्या आपको पता हे यह राज
सभी सफेद वाले ( महीन बनावट ), भूरे चावल ( चोकर की परत सहित ) से ही बनते है, जिसमे पाये जाते प्राकृतिक पोषक तत्व अधिक,
दैनिक ऊर्जा आवश्यकताओं और चयापचय में सुधार करता , कब्ज से राहत दिलाता, लिवर के बेहतर कामकाज में भी हे सहायक
MAIDA ( ALL PURPOSE FLOUR ) – WIDELY USED FOR SOFT BREADS, CRISPY SNACKS & PASTRIES, AS IT IS SOFT & STRETCHY )
मैदा (ऑल-पर्पस फ्लोर) भारतीय उपमहाद्वीप का , बारीक पिसा हुआ गेहूं का आटा हे, जिसे चोकर और जर्म को हटाकर बनाया जाता,
चिकना सफ़ेद , नरम, लचीला होने के कारण, इसका व्यापक रूप से नरम ब्रेड, कुरकुरे स्नैक्स और पेस्ट्री बनाने में उपयोग किया जाता
डीप-फ्राई कोटिंग समोसे, कचौरी जैसे नमकीन तले हुए स्नैक्स के साथ-साथ जलेबी जैसी मिठाइयों के लिए भी हे आवश्यक,
गाढ़ा करने वाला पदार्थ, नान, भटूरे का मुख्य घटक, केक, कुकीज़ और अन्य बेकिंग के लिए सर्वोत्तम, हे परिष्कृत अत्यधिक
इसमें फाइबर और पोषक तत्व नाम मात्र को होते, ग्लाइसेमिक इंडेक्स उच्च, ज्यादा सेवन से मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का हे जोखिम
ओट, बादाम का आटा इसका हेल्थी विकल्प , ऊर्जा अचानक बढ़ा देता , सिर्फ़ 'यह खाली कैलोरी हे , डॉक्टर सलाह देते हैं इसे लेने की कम
पुराने जमाने के मिस्र में इसे छानना इतना मुश्किल था कि इसे खाते थे केवल राजा-महाराजा, इसलिए कहते इसे वीआईपी आटा अमीर,
मैदे वाली डिश सलाद और सब्जियों के साथ खाये तो पचने में थोड़ी आसानी होती, अत: आंतों में चिपकने का मिथक हे बस अफवाह मज़ेदार
MULTIGRAIN ATTA ( BOOSTS DIETARY FIBER, LOWERS GLYCEMIC INDEX, PROVIDES NUTTY, EARTHY FLAVOUR )
मल्टीग्रेन आटा कई तरह के साबुत ग्रेन का मिश्रण, जिसमें गेहूं, मोटे अनाज ( जैसे ज्वार, बाजरा और रागी ) ओट्स और दालें होते , हे बेहद ही पौष्टिक,
आम साबुत व्हीट के आटे की तुलना में, फाइबर भर भर के पाचन को बेहतर बनाने, कोलेस्ट्रॉल कम कर, ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में सहायक
अच्छी क्वालिटी वाले मे लगभग आधा गेहूं से बना होता, ताकि फ्लैटब्रेड नरम बन सके, जबकि बाकी हिस्सा पोषक तत्वो से रहता लबरेज़,
इसको खाना कोई नया ट्रेंड नहीं , विटामिन, मिनरल, प्रोटीन का बेहतर संयोजन मिलता, आप इसका सेवन बिंदास कर सकते हर रोज
वैसे तो यह हमे ऊर्जावान बनाए रखता, और मेटाबॉलिज्म को सुधारता, परन्तु यूरिक एसिड या थायराइड होने पर इसे न ले बिना डॉक्टरी परामर्श,
तरह तरह के लोगों के पाचन का तरीका अलग-अलग हो सकता, अत: दूसरे तरह के आटों के साथ इसे बदलकर इस्तेमाल करना भी हे आदर्श
इसकी रोटी तवे पर नखरे दिखाती, जल्दी से फूलती नहीं , ज्वार-बाजरा ज़्यादा हो तो इसे बेलना हे काम बड़ा मुश्किल,
सोया, चने, और रागी, के कारण चपाती का रंग हमेशा एक जैसा नहीं रहता, हो सकती यह हल्की पीली, भूरी या मटमैल
SHARBATI ATTA ( HIGHLY PRIZED FOR ITS NATURALLY SWEET TASTE, GOLDEN APPEARANCE , ABILITY TO YIELD ROTIS THAT REMAIN TENDER FOR HOURS AFTER COOKING )
शरबती आटा एक प्रीमियम साबुत गेहूं का आटा, स्वाद प्राकृतिक रूप से मीठा मुख्यत: भारत के मध्य प्रदेश में उगाया जाता,
"गोल्डन ग्रेन" ( सुनहरा अनाज ) के नाम से भी मशहूर, दाने एम्बर रंग के, आम व्हीट की तुलना में इनका घनत्व ज़्यादा होता
उपजाऊ काली मिट्टी में उपज , इससे बना आटा ज़्यादा पानी सोखता, चपातियां बहुत ही लचीली बनती, लम्बे समय तक नरम रहती नतीजन
पीसने पर बहुत बारीक , मैदा मिलाये बिना ही रोटियां, पराठे और पूरियां आसानी से फूल जाते, क्यूंकि इसका ग्लूटेन स्ट्रक्चर हे बेहतरीन
मखमली खुशबू बिखेरता , डाइटरी फ़ाइबर, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम और प्लांट प्रोटीन, भरपूर मात्रा में, हे न्यूट्रिशनल प्रोफ़ाइल इसका,
आर्गेनिक तरीका क्यूंकि खेती सिंचाई के बजाय मौसमी बारिश पर निर्भर , गेंद की तरह फूले हुए फुल्के के चलते लग सकता इसी आटे का चस्का पाचन तंत्र को दुरुस्त रख संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता, मेटाबोलिज्म को करे बूस्ट , रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने का भी करता काम,
बाज़ार में इसकी इतनी भारी मांग है कि इसके उत्पादन से कई गुना बिक जाता, इसलिए मजाक में, इसे कह देते 'सब मोह माया है' वाला स्कैम
SUJI – COARSE TYPE OF FLOUR MADE FROM MILLING DURUM WHEAT – ( PRIZED FOR ITS VERSATILITY & QUICK COOKING TIME )
सूजी, जिसे सेमोलिना या रवा भी कहते ड्यूरम नामक कठोर किस्म के गेहूं को पीसकर बनती जो होती दानेदार, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट भरपूर,
मैदा के मुकाबले यह कम रिफाइंड , पेट के लिए भी काफी हल्की, बढ़िया ऑप्शन है झटपट एनर्जी पाने के लिए नाश्ते के तौर पर कभी-कभार
सफाई और कंडीशनिंग, छिलका अलग करना, दरदरी पिसाई, और फिर छानना इन चार चरणों का हे इसका प्रोसेस मुख्यत
चयापचय, एनीमिया से बचाव के लिए उम्दा , लेकिन ग्लूटेन सेंसिटिविटी, डायबिटीज की समस्या होने पर बरते विशेष एहतियात
भारतीय घरों का मुख्य खाद्य पदार्थ इस्तेमाल होता बनाने में उपमा, डोसा, ढोकला और हलवा, रवा शीरा जैसे नमकीन और मीठे व्यंजन,
वज़न कंट्रोल में सहायक आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन B का स्रोत, मदद करते दिल को रखने में सेहतमंद और उचित ब्लड सर्कुलेशन
उत्तर भारत में जो 'सूजी' के नाम से हे मशहूर, उसे ही दक्षिण भारत में 'रवा ' कहते इसलिए लोचे हे नाम के बड़े ,
गोलगप्पों की जान, कुरकुरी पापड़ी इसका ही कमाल, चटकारे लेकर जो आप खाते पानी-पूरी के ठेले पर खड़े