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MISTHI DOI ( POST MEAL DESSERT ESPECIALLY FOR DURGA PUJA )
एक विशिष्ट बंगाली मीठा दही है, जो अपनी गाढ़ी, मलाईदार बनावट और कैरेमल जैसी मीठी सुगंध के लिए प्रसिद्ध है मिष्टी दोई,
सामान्य दही के विपरीत, इसे सघन, चीनी मिले दूध को मिट्टी के बर्तनों (मटीर भर) में किण्वित करके बनाते लगती जैसी मलाई
यह आंतों के स्वास्थ्य के लिए एक उत्कृष्ट प्रोबायोटिक, प्रोटीन और कैल्शियम से हे भरपूर, क्षमता बढ़ाता रोग प्रतिरोधक, सेहतमंद होने के साथ साथ ही यह मीठे की लालसा को संतुष्ट करता, सूजन को कम कर सकता, पाचन में भी हे सहायक
बंगाल का एक प्रमुख व्यंजन है, जो त्योहारों, विशेष अवसरों और भोजन के बाद ठंडक देने वाले एक सुखद नाश्ते के रूप में है मशहूर,
हालांकि इसकी उत्पत्ति बंगाल में हुई, लेकिन आसानी से पैकेटबंद रूपों में उपलब्ध, यह पूरे भारत में व्यापक रूप से फेमस शहर शहर
गहरे कारमेल जैसी मिठास का स्वाद , हल्के खट्टेपन और चिकने, कस्टर्ड जैसी बनावट प्रस्तुत करता हे एक आदर्श, बेहतरीन संतुलन
ओरिजिनल कैरेमल एक मानक फ्लेवर है, आम दोई एक लोकप्रिय फ्रूट फ्लेवर, खजूर के गुड़ से बना हे लोकप्रिय फ्लेवर शीतकालीन
SANDESH ( SOFT, MILDLY SWEET MELT IN THE MOUTH TEXTURE )
इलायची या केसर का स्वाद मिलाकर एक पारंपरिक बंगाली मिष्ठान है जो मुख्य रूप से ताजे छेना , चीनी या गुड़ से बनाई जाती है संदेश,
अपनी मुलायम मुंह में घुल जाने वाली बनावट और हल्की मिठास के लिए प्रसिद्ध, यह प्रमुख स्वीट है पश्चिम बंगाल, भारत और बांग्लादेश,
आधे घंटे से भी कम में तैयार होने वाली, कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा ,कभी कभी इसमें चाशनी की भी होती भराई,
समाचार, खबर, पैगाम, एक व्यक्ति द्वारा दूसरे को भेजी गयी लिखित, सांकेतिक सूचना, के लिए भी हे यह शब्द अलावा मिठाई
आम किस्मों में नोलेन गुरेर संदेश ( खजूर के गुड़ से बना ), कंचागोल्ला ( नरम, कम पका हुआ ), अलंकृत डिज़ाइन वाले सांचे हे शामिल
पारंपरिक सफ़ेद रंग का, दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के दौरान उपहार स्वरूप दिया जाता, अक्सर मेहमानों को परोसते , विशेष तौर से बंगाल
शंख, हाथी, मछली जैसे विभिन्न आकार में ढालकर , फलों के स्वाद और सुगन्ध से भरा जाता है, और यदा-कदा इन्हे किया जाता रंग-बिरंगा
चुकंदर, गाजर, पालक से बन जाता यह सेहतमंद व्यंजन, हरे, कुछ में सफेद और नारंगी रंगों की परतें दर्शाती रचनात्मकता, भारत का तिरंगा
MODAK ( TRADITIONAL INDIAN SWEET DUMPLING )
हाथ से मोड़कर या सांचे में आकार देकर, सिद्धिविनायक को अर्पित किया जाने वाला पसंदीदा प्रसाद, एक पारंपरिक भारतीय मिठाई हे मोदक,
"मोदा" और "प्रमोदा"से मिलकर बना हे मोदक , चावल के आटे से बना भाप में पका हुआ, परतदार खोल होता है, ज्ञान और आनंद का हे प्रतीक
एक पौष्टिक और आरामदायक भोजन, ऊर्जा प्रदान करता, पित्त/वात को नियंत्रित करने में सहायक पाचन क्रिया में भी लाता बेहतरी, सीमित मात्रा में सेवन करने पर यह त्वचा के स्वास्थ्य, हड्डियों की मजबूती और यहाँ तक कि थायरॉइड स्वास्थ्य के लिए भी हे लाभकारी
गणेश चतुर्थी के दौरान यह एक मुख्य भोग है, जिसे अक्सर इक्कीस या एक सौ एक के सेट में किया जाता अर्पित, उकडिचे मोदक हे सबसे आम,
नारियल और गुड़ से भरा हुआ, चॉकलेट या सूखे मेवे सहित, तमिल में मोथगम या कोझुकट्टई, कन्नड़ में कडुबू और तेलुगु में कुडुमु हे इसका नाम
उत्पत्ति हुई महाराष्ट्र, आयुर्वेद, रामायण, महाभारत में इसका प्रारंभिक उल्लेख मिलता , जहाँ इसे मीठी भराई वाली पकौड़ी के रूप में किया वर्णित,
कई भारतीय राज्यों और संस्कृतियों में लोकप्रिय, बच्चे गणेश जी को बहुत पसंद करते, क्यूंकि वे खाने के मामले में उनकी तरह ही करते थे शरारत