BASKET CHAAT ( CELEBRATED FOR ITS UNIQUE PRESENTATION , DRAMATIC SIZE & MASSIVE COMBINATION OF FLAVOURS )
बास्केट चाट एक कुरकुरी टोकरी , लोकप्रिय और स्वादिष्ट भारतीय स्ट्रीट फूड है , विशेष रूप से लखनऊ की हे खासियत ,
ऊपर से सेव, अनार के दाने और हरा धनिया डालकर इसे गार्निश कर लेते , खट्टा, मीठा और तीखा तीनों जायकों से होती युक्त
इसकी डलिया मैदा या कद्दूकस किये हुए बटाटा से बनती , स्टफिंग हेतु हे उबले चने, आलू और फेंटा हुआ गाढ़ा दही ,
हरी चटनी, इमली की मीठी चटनी, भुना जीरा पाउडर, काला नमक, चाट मसाले से इसे फ्लेवर दिया जाता पूरी तरह से सही
शुरुआत 'नवाबों के शहर' से हुई , परंपरा से जुड़ी इस डिश में स्वाद के साथ-साथ दिखने में भी आकर्षक होना ज़रूरी हे मानते ,
फ़ूड टूरिज़्म, सोशल मीडिया रील्स के जरिये मिली शोहरत , यह खाने योग्य कटोरी में परोसी जाती , इसलिए इसे टोकरी चाट भी कहते
"लपेटू" फिलिंग की खासियत यह है कि इसमें लगभग बीस से पच्चीस अलग-अलग तरह की खाने की चीजें मिल जाती एक ही बास्केट ,
इसकी भारी और रिच सामग्री का संतुलन बना रहे , इसलिए रॉयल कैफे जैसी मशहूर जगह पर ऊपर से डालते 'हजमोला' का पेस्ट
DAHI VADA / DAHI BHALLA ( A BELOVED TRADITIONAL CHAAT & COOLING SNACK OF INDIAN SUBCONTINENT , SOAKED IN SPICED YOGURT , TOPPED WITH TANGY CHUTNEYS )
दही वड़ा एक लोकप्रिय दक्षिण एशियाई चाट है, जो बनती है दाल के तले हुए नरम वड़ों को मलाईदार दही में भिगोकर,
जीरा, चाट मसाला , लाल मिर्च पाउडर , नमक छिड़ककर , चटपटी और मीठी चटनी डालकर, टॉपिंग करी जाती दाने अनार
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में मशहूर 'नटराज दही भल्ले' अस्सी साल से भी ज्यादा पुराना स्थित हे इसका कार्नर ,
कई रेसेपी में काजू या किशमिश की स्टफ़िंग , शान हे यह होली, दिवाली और रक्षाबंधन जैसे मुख्य त्यौहार
इसे 'दही भल्ला' भी कहा जाता , जिसे अक्सर उबले आलू, छोले , सेव और कुरकुरी पापड़ी , बूंदी जैसी अतिरिक्त चीज़ों के साथ परोसते,
बंगाल में इसे 'दोई बोरा' और ओडिशा में 'दही बड़ा' कहते, वही दक्षिण भारत में थयिर वड़ाई , 'पेरुगु वड़ा' या 'मोसरु वड़े के नाम से भी जानते
प्रोटीन का अच्छा स्रोत , हड्डियों और दांतों की मजबूती , पेट को ठंडक और तृप्ति , ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने जैसे फायदे हे अनेक ,
यदि कम वसा वाला दही , और बिना तले (उबले, बेक्ड या स्टीम ) वड़ों का उपयोग करे ,तो बन जाता यह वजन घटाने हेतु बेहतरीन स्नैक
CORN CHEESE BALLS
एक लोकप्रिय, कुरकुरा और छोटे आकार का ऐपेटाइज़र या पार्टी स्नैक है चीज़ कॉर्न बॉल्स ,
अंदर नरम आलू, कॉर्न और चीज़ का मिश्रण होता है , जबकि बाहर की तरफ कुरकुरी परत होती है ब्रेडक्रम्ब्स
SPRING ROLLS ( A FAMOUS ASIAN CULINARY SPECIALTY , STARTED IN ANCIENT CHINA TO WELCOME SPRING )
स्प्रिंग रोल एक तरह के रोल्ड ऐपेटाइज़र या डिम सम होते हैं, जिनमें सब्ज़ियाँ या मांस भरा होता ,
पतली पेस्ट्री या राइस पेपर में लपेटकर, तलते या बेक करते अथवा ऐसे ही ताज़ा परोसा जाता
फिलीपीनी लम्पिया, जापानी हारुमाकी, थाई पोह-पिया-टोड और इंडो-चाइनीज़ वेजिटेबल रोल्स हे इसकी विविधताएं वैश्विक ,
खाते इसे सोने की ईंटों जैसे धन का प्रतीक मानने हेतु और चीनी नव वर्ष पर वसंत उत्सव का स्वागत करने के लिए रूप से पारम्परिक यह सेहतमंद हो सकते हैं, लेकिन इनका पोषण मूल्य इस पर काफी हद तक निर्भर करता कि इनमें कौन-सी सामग्री की गई है इस्तेमाल ,
कच्ची सब्जियां, और लीन प्रोटीन से भरे हुए में होती कैलोरी कम , हल्के विकल्प भी आज़मा सकते जैसे सिंपल स्प्रिंग या 'रेनबो स्प्रिंग रोल
फिलिंग्स और आउटर लेयर में भी एक्सपेरिमेंट चलते रहते , चावल या टैपिओका आटे से बनी ग्लूटेन-फ्री परत पूरा करती लोगो कि अपनी पसंद,
मैक्सिकन, या मेडिटरेनियन इंग्रीडिएंट्स भी शामिल , लकी फ़ूड में इसे अशुभता को दूर करने के लिए खाते थे न की केवल लेने के लिए स्वाद
BIKANERI BHUJIA ( A LEGENDARY, CRISPY INDIAN SNACK , CELEBRATED FOR ITS DISTINCT FLAVOUR , TEXTURE & HERITAGE )
भुजिया तेल में तला हुआ एक मशहूर, कुरकुरा और तीखा भारतीय स्नैक है , जिसकी शुरुआत हुई राजस्थान के शहर बीकानेर ,
बनती हे यह मोठ की दाल के आटे को बेसन, मूंगफली के तेल और कुछ मसाले जैसे काली और लाल मिर्च , अजवाइन मिलाकर
सबसे पहले यह तैयार हुई थी , महाराजा डूंगर सिंह के शासनकाल में मेहमानों के लिए विशेष तौर पर एक शाही दावत ,
इसे 'जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री टैग मिला , जिससे इसको कॉपी करने पर रोक लगी और पहचान हो गई सुरक्षित
बीकानेर की शुष्क रेगिस्तानी जलवायु, खारे पानी से आता इसमें खास स्वाद , लंबे समय तक रहती कुरकुरी बशर्ते बंद करे इसे एयरटाइट कंटेनर
राजस्थान का एक बड़ा कुटीर उद्योग , दिखने में सेव जैसा , हल्के पीले रंग का , हल्दीराम , बीकाजी जैसे ब्रांड ने बनाया इसे लोकप्रिय वैश्विक स्तर
शाम को चाय के साथ , चटर-पटर खाने से लेकर चाट और रायते की टॉपिंग तक , यह सबसे अधिक मांग की पसंद की जाने वाली हे नमकीन ,
आलू भुजिया, रतलामी सेव, पंजाबी तड़का इसकी वैरायटी , अब भी बरकरार हे इसमें हस्तकौशल, हाथ से बनाई जाती इसकी महीन कतरन
BANANA CHIPS ( CRISPY SLICES MADE FROM FIRMER , STARCHIER, COOKING BANANAS , SUCH AS NENDRAN THAT ARE DEEP FRIED )
केले के चिप्स सख्त और स्टार्च से भरपूर पकाने वाले केलों को काटकर, डीप-फ्राई कर या सुखाकर हे बनाते ,
अमेरिका में 'चिफ़ले ,केरल और तमिलनाडु में उपेरी' या 'शर्करा वरट्टी' कहते, ओणम जैसे त्योहारों में परोसते
इसमें मूल फल के फाइबर और सूक्ष्म खनिज मौजूद होते लेकिन प्रोसेसिंग, अतिरिक्त शर्करा मिलाने से बदल जाता सम्पूर्ण पोषण मूल्य ,
अधिकतम हाइड्रेशन, विटामिन वास्ते ताजा भानुफल खाये या बिना चीनी के बेक्ड, डिहाइड्रेटेड चिप्स चुने जिससे हेल्थी होने के रहे कुछ तो तुल्य
कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होने के कारण एथलीटों, हाइकर्स या उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं जिन्हें होती तुरंत ऊर्जा की जरूरत,
डाइटरी फाइबर से पाचन में सुधार होता, पोटैशियम से मांसपेशियों के सामान्य कामकाज, तरल पदार्थ संतुलित और ब्लड प्रेशर रहता नियंत्रित
केरल में हल्दी वाले पानी में डुबोकर सुंदर पीला रंग चढ़ता और साथ ही हे नेचुरल प्रेज़रवेटिव , नारियल के तेल में तलकर आता इसमें ख़ास स्वाद
भारत सरकार की मेक इन इंडिया और 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' इसे वैश्विक स्तर पर प्रमोट कर रहे योजना के तहत एक जिला एक उत्पाद
PAKORA ( A POPULAR SOUTH ASIAN DEEP FRIED VEGETABLE FRITTER OR SNACK )
पकौड़े दक्षिण एशिया का क्रिस्पी और डीप-फ्राई किया गया व्यंजन हैं, वैरायटी हे जिसकी आलू, पनीर, गोभी , प्याज इत्यादी, कहते इन्हे फ्रीटर,
बारिश के समय चाय के साथ खाने का अलग ही मजा एक लोकप्रिय स्ट्रीट फ़ूड हे ,आमतौर पर बेसन मुख्य घटक से किया जाता इसका घोल तैयार
भारतीय शैली की बैटर में डुबोकर तलने की तकनीक ,पुर्तगाली और स्पेनिश व्यापारियों द्वारा जापान में लाई गई ,जिससे बना टेम्पुरा , जीरा, धनिया, हल्दी, लाल मिर्च , अजवाइन, अदरक-लहसुन का डालते पेस्ट, चावल का आटा या कॉर्नस्टार्च से हो जाता और भी कुरकुरा
महाभारत जैसे प्राचीन संस्कृत ग्रंथों और 'लोकोपकार' की मध्यकालीन पाक-कला मे इसका मूल, भजिया, भाजी के नाम से भी जाना जाता ,
कढ़ी पकोड़ा का आधार स्तंभ, बची हुई सब्जियाँ और खाद्य सामग्री को स्वादिष्ट नाश्ते में बदलने की सदियों पुरानी कुशलता को हे दर्शाता
यह शब्द संस्कृत के 'पक्ववट' से बना है , जिसमें 'पक्वा' का मतलब 'पका हुआ' और 'वट' का तेल में तली हुई दाल का छोटा टुकड़ा ,
मुगल शाही रसोई में 'पक्कावत ,अंडा, मटन, चिकन के भी शाही थाली में शामिल किए गए ,जब शाही बावर्चियों ने नया रूप दिया पकोड़ा