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SPLIT CHICKPEAS , CHANE KI DAL ( SMALL, WRINKLED, GOLDEN YELLOW , SHAPED LIKE TINY, FLAT – BOTTOMED LENTIL )
चने की दाल काले चने को छीलकर, और दो हिस्सों में विभाजित करके बनाई जाती है, जो उसका ही रूप है संसाधित, छिलका उतर जाने के बाद यह छोटे, पीले रंग के चपटे दानों जैसी दिखती हे, पौधे सिसर एरीटिनम से होती हे प्राप्त
भारतीय रसोई का मुख्य घटक बनते इससे गाढ़ी ( लौकी के साथ ) दाल तड़का, विभिन्न प्रकार की मिठाइयां ( लड्डू ) पकोड़े स्वादिष्ट , इसको पीसकर ही बेसन तैयार होता , बंगाल ग्राम का स्वाद हल्का मीठा, अखरोट जैसा होता, पकने के बाद भी बरकरार रहती बनावट
एक ही चना कभी भुना चना, कभी बेसन और कभी आपकी प्लेट में चना दाल बन जाता, इसलिए हे दालों के बीच का बहुरूपिया,
फोलिक एसिड होने से ,हृदय रोग, ब्लड क्लॉट का खतरा न्यून हो जाता, मैग्नीशियम के चलते बेहतर बन जाती इंसुलिन प्रतिक्रिया
वैसे तो हे इसमें फाइबर, लेकिन अगर आप इसे कभी पार्टी में हद से ज्यादा खा लें, तो आपके पेट में पैदा हो सकता हे गैस' का धमाका, और तूफान
इसे आप चाहे जितनी देर पानी में भिगो लें, अरहर, मूंग के माफिक आसानी से नहीं गलती, अत : यदा-कदा शेफ के लिए सबब बन जाती उलझन
RED LENTIL – MASOOR DAL ( FAMOUS FOR ITS MILD, EARTHY FLAVOUR )
अंग्रेज़ी में मसूर दाल को 'रेड लेंटिल' कहते, बहुत पौष्टिक लेंस के आकार की , जानी जाती हे हल्के, सौंधे स्वाद और जल्दी पकने की खूबी
इसमें विटामिन B त्वचा को मॉइस्चराइज़्ड रखता, इसका पाउडर चेहरे के अनचाहे बालों को हटाकर नैचुरल स्क्रब का काम करती बखूबी
चमकीले नारंगी रंग की धुली मसूर होती बिना छिलके वाली , साबुत होती भूरे कलर में छिलके सहित, एक और भूरे छिलके की विभाजित,
दुनिया भर में हेल्दी, प्लांट-बेस्ड, खान-पान में इसे मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता, खाया जा सकता इसे स्वरुप दाल, सूप या अंकुरित
इसमें डाइटरी फ़ाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते, जो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करके दिल की बीमारी का ख़तरा घटाते,
शाकाहारियों के मैक्रोन्यूट्रिएंट लक्ष्य को पूरा कर, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम से हड्डियों की डेंसिटी बनाये रख ऑस्टियोपोरोसिस से भी बचाते
नवाब वाजिद अली शाह के लखनऊ दरबार के दौरान, खानसाम इसे खास तरीके से पकाते थे, वहीँ से जुडी हे 'यह मुँह और मसूर की दाल' कहावत,
भारतीय ज्योतिष अनुसार मंगलवार को दान करने से मंगल दोष कम होता, इसके अवशेष दस हजार साल पुराने शामिल हे मानव सभ्यता की शुरआत
MOTH BEANS ( SCIENTIFICALLY AS VIGNA ACONTIFOLIA, SMALL DROUGHT RESISTANT LEGUMES NATIVE TO INDIA )
मठ भारत में पाई जाने वाली छोटी और सूखे का सामना करने में सक्षम फलीदार फसल है, जिसे हिंदी में 'मटकी' के नाम से जाना जाता,
बेहतरीन स्वास्थ्यवर्धक गुण समेटे हुए, पौधों से मिलने वाला प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, मैग्नीशियम, पोटैशियम और फोलेट भरपूर मात्रा में होता इसमें पाए जाने वाले आवश्यक तत्व अनाज ( जैसे चावल या गेहूं ) की कमी को पूरा करते, हे इसका अमीनो एसिड विश्लेषण,
बिना सिंचाई के, बहुत कम बारिश वाले शुष्क क्षेत्रों में सफलतापूर्वक उग सकता, अफ़्रीका में इसकी उपयुक्तता पर हो सर्वेक्षण
अंकुरित करके खाना सबसे ज़्यादा पसंद करते, क्यूंकि इससे पोषक तत्व अच्छे से हो जाते सुपाच्य, वैसे ले सकते सूखी सब्ज़ी में भी भूनकर
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने से ब्लड शुगर में अचानक उछाल नहीं आता, पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है भरपूर मात्रा में फाइबर
ज़मीन पर फैलने वाला एक सालाना जड़ी-बूटी वाला पौधा, लगभग सोलह इंच तक लम्बा, रोएँदार और घनी शाखाओं पर आते पीले फूल,
व्यापक मिट्टी अनुकूलता, सतत खाद्य संसाधन का विकल्प ,भूमि-संरक्षण की खूबी के अलावा, काम आ सकती चारे वाली फलीदार फ़सल
HORSE GRAM ( HIGHLY NUTRITIOUS LEGUME POPULAR IN INDIAN COOKING & AYURVEDIC REMEDIES )
कुलथी की दाल ( हॉर्स ग्राम ) एक बेहद पौष्टिक और पारंपरिक दाल है, विशेष रूप से फायदेमंद मानी जाती, गलाने में किडनी की पथरी,
बेहद पौष्टिक, फाइबर से भरपूर, वजन घटाने में मदद करती, हे हाई प्रोटीन का स्रोत जो मांसपेशियों के विकास और ऊर्जा के लिए जरूरी
इसमें टैनिन, फ्लेवोनोइड्स और रफेज होते हैं जो कोलन (बड़ी आंत) की सेहत की रक्षा कर, ब्लोटिंग की समस्या को करते कंट्रोल,
अल्सर-रोधी गुण सहित, ठीक कर सकता मुँह, पेट, छोटी आंत के छाले क्यूंकि इसके लिपिड में हे भरपूर मात्रा कंपाउंड फाइटोस्टेरॉल
दक्षिण भारत में मशहूर, इसकी तासीर गर्म होती , इसलिए गर्मियों में सीमित मात्रा में सेवन करे, वैसे बेहद फायदेमंद हे सूप, काढ़ा या अंकुरित, तीन पत्तियों वाला पौधा, इसके बीज पशुओं को खिलाने के काम आते, उपयोग करते पाचन सुधारने और मौसमी बीमारियों से पाने को राहत
मैक्रोटाइलोमा यूनिफ्लोरम इसका वैज्ञानिक नाम,एंटी-इंफ्लेमेटरी सूजन कम कर, क्वेरसेटिन और केम्पफेरोल, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ते,
फाइटोस्टेरॉल एलडीएल घटा कर, अमीनो फेनोलिक एसिड शक्तिशाली प्लांट कंपाउंड नई कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया को तेज़ करते
PINTO BEANS ( HIGHLY NUTRITIOUS “PAINTED” MOTTLED, SPECKLED APPEARANCE )
पिंटो बीन्स अंडाकार आकार की फलियाँ हे ,हल्के भूरे और लाल-भूरे रंग के धब्बे सहित इसलिए चितकबरा होता हे छिलका,
इनकी खासियत यह है कि पकने पर यह धब्बे गायब हो जाते, और बीन्स का रंग एकसार हो जाता , क्रीमी हल्के भूरे रंग का
मैक्सिकन, दक्षिण-पश्चिमी अमेरिकी खान-पान का अहम हिस्सा, हे इसका मुलायम, गाढ़ा टेक्सचर, मिट्टी जैसी खुशबू, मेवा की तरह स्वाद ,
चावल जैसे अनाज के साथ बन जाता "कम्प्लीट प्रोटीन", पहले से पकी हुई और गर्म करके परोसने के लिए तैयार हेतु विकल्प हे डिब्बाबंद
चिली, स्टू, थ्री-बीन के अलावा, मैश करके और मसालों के साथ भूनकर एक मुख्य साइड डिश, शोरबे मे या टॉर्टिला, मीट के साथ खाया जाता,
फोलेट, आयरन, मैंगनीज और मैग्नीशियम युक्त, हे दिल के लिए फायदेमंद क्यूंकि प्राकृतिक रूप से कोलेस्ट्रॉल मुक्त और फैट बहुत कम होता
शक्तिशाली फ्लेवोनॉइड, मोलिब्डेनम नाम के ट्रेस मिनरल का बहुत अच्छा स्रोत, मददगार हे शरीर को कुछ खास दवाओं और टॉक्सिन्स को प्रोसेस
तथ्य कोलोराडो का डोव क्रीक खुद को 'दुनिया की पिंटो बीन राजधानी' कहता इसलिए कि यहाँ देश का बहुत बड़ा हिस्सा पैदा होता, बनाता इसे खास
GREEN CHICKPEAS ( BRIGHT GREEN, SLIGHTLY WRINKLED PEAS, SOLD AS FUZZY INDELIBLE PODS OR SHELLED )
हरा चना जिसे छोलिया भी कहते, सामान्य चने ( काले चने ) का अपरिपक्व और ताज़ा रूप होता, जो आमतौर पर आता है सर्दियों के मौसम,
फलियों से निकालकर कच्चे मटर की तरह या सलाद में मिलाकर खाया जाता, टेस्टी परांठे भी बनते , स्वाद में होता हल्का मीठा और नरम
टिकाऊ फसल, कम पानी और नाइट्रोजन की आवश्यकता होती, जिससे यह पशु प्रोटीन की तुलना में हे बेहद ही अनुकूल पर्यावरण ,
बहुमुखी पाक सामग्री, इनमें फोलेट भरपूर मात्रा में होता, सहायक हे लड़ने में अचानक मूड बदलने की समस्या, डिप्रेशन के लक्षण
फाइबर से भरपूर होने के कारण डाइटिंग करने वाले के लिए एक जासूस, पूरी तरह संतृप्त करा, दिमाग को धोखा देता रहता एंटीऑक्सीडेंट और सूक्ष्म पोषक तत्वों से परिपूर्ण, हड्डियों और प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाये मजबूत, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता
हरे चने की चाट या सब्जी खाने से पेट में गिटार बजना शुरू हो जाता, तो यह लोगों को अपने पास से भगाने का प्राकृतिक तरीका हे खास,
आम तौर पर छोले, चने भूरे या काले होते हैं, लेकिन यह उनका कूल कजिन है जो रंग बदलकर खुद को 'एलीट दिखाने का करता प्रयास
SWORD BEANS ( LARGE PERENNIAL CLIMBING LEGUME, HIGHLY NUTRITIOUS YET UNDERUTILIZED PLANT )
स्वोर्ड बीन जिसका वानस्पतिक नाम हे कैनावलिया ग्लैडियाटा, एक पौष्टिक और औषधीय पौधा हे फलीदार,
भारत के ग्रामीण इलाके ( विशेषकर महाराष्ट्र, केरल, बिहार ) में सब्जी के रूप में खाते, हे लंबी तलवार के आकार
'बड़ी सेम' को मराठी में 'अबाई, मलयालम में 'वाल पयारा'، और संस्कृत में 'महाशिंबी' भी कहते, चार से दस मीटर तक चढ़ सकता ,
दाने की ऊपरी परत को निकाल ले क्योंकि उसमें विषाक्त तत्व हो सकते, इसकी कच्ची और कोमल फलियों को उबला या पकाया जाता
इसके फलियों, तनों और जड़ों का इस्तेमाल पेट की समस्याओं, जी-मिचलाने, सांस लेने में दिक्कत और राहत पाने के लिए जोड़ों की पीड़ा
बायोएक्टिव पेप्टाइड्स एक बेहतरीन डाइटरी सप्लीमेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, पॉलीफेनोल्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ने का भी उठा सकता बीड़ा
एक मजबूत बारहमासी बेल, बचपन में इसके बड़े और चितकबरे बीजों को जमीन या पत्थर पर घिसकर बच्चों द्वारा 'चटका' खेलने का रहा हे चलन,
इसकी खेती सिमित हे क्यूंकि विशिष्ट रूप से उष्णकटिबंधीय जलवायु के लिए अनुकूलित, अन्य फलियों की तुलना में इसे तैयार करना नहीं आसान
SOYABEANS ( PRIMARY INGREDIENT IN LIVESTOCK FEED, KEY COMPONENT IN ECO – FRIENDLY PRODUCTS )
सोयाबीन मटर परिवार (Fabaceae) का एक महत्वपूर्ण दलहनी पौधा, आवश्यक अमीनो एसिड सहित, जाना जाता है अपनी उच्च पोषण क्षमता,
शाकाहारी लोगों के लिए वरदान, सस्ता होने के बावजूद हे इसमें मांस के बराबर उच्च प्रोटीन मौजूद के कारण इसे "गरीबों का मांस" भी कहा जाता
सिर्फ खाने तक सीमित नहीं, हे इतना बहुमुखी कि इससे बनते गाड़ियों का ईंधन और क्रेयॉन्स ,अखबारों की स्याही में भी होता उपयोग, खुद का खाद खुद बनाता ,अमेरिकी गृहयुद्ध में कॉफी बीन्स की कमी पड़ने पर सैनिकों ने इसको ही कैफीन बनाने के लिए किया प्रयोग
इससे कई प्रकार के अन्य उत्पाद बनते जैसे खाना पकाने का तेल, पनीर जैसा खाद्य पदार्थ टोफू, लैक्टोज-मुक्त दूध का विकल्प सोया मिल्क,
इसमें पाए जाने वाले आइसोफ्लेवोन्स हड्डियों को मजबूत बनाते, खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोग के खतरे को दूर करने में भी सहायक
वैज्ञानिक नाम ग्लाईसीन मैक्स, की खेती खरीफ में होती जिसके लिए आवश्यक हे अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी और गर्म मौसम,
आधुनिक उत्पादन में ब्राजील, संयुक्त राज्य अमेरिका हे आगे, भारत में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में सबसे ज्यादा उगाने का होता काम