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JANMASTHMI ( CELEBRATION OF LORD KRISHNA’S BIRTH )
जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाने के लिए हे एक हिंदू त्योहार,
इनको माना जाता हे दिव्य प्रेम, ज्ञान और संरक्षण प्रदान करने वाले विष्णु जी का आँठवा अवतार
भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान करते, और स्मरण किया जाता है उनकी लीलाएं बाल्यकाल,
धोती, कुर्ता पहनाकर, मोर पंखों से सुसज्जित मुकुट सुशोभित, बांसुरी सहित, नन्हे बच्चे रूप होते लड्डू गोपाल
कृष्ण की युवा लीलाओं का पुनः मंचन और दही हांड़ी का आयोजन कर विशेष तौर से मनाते मथुरा वृंदावन,
यह त्योहार आध्यात्मिक विकास पर जोर देता और मजबूत करता सांस्कृतिक ऐवम धार्मिक बंधन
जन्माष्टमी, भारत और दुनिया भर में हिंदुओं द्वारा मनाई जाती बड़े उल्लास,
पूरे भारत में छप्पन भोग का प्रसाद लगता, दिन भर रखने के बाद उपवास
DUSSHERA FESTIVAL OF VICTORY OF GOOD
दशहरा, बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाने वाला एक त्यौहार जिसका दूसरा नाम हे विजयादशमी ,
धन, समृद्धि और प्रचुरता और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए ख़ास तौर से इस दिन मन्त्र का जाप करते लक्ष्मी
कई क्षेत्रों में दशहरा प्रतीक हे दुर्गा पूजा की समाप्ति,
वही भगवान राम की रावण पर विजय की कहानी उनकी महानता को दर्शाती
रामलीला जो भारत के कई हिस्सों में लोकप्रिय है में होता हे रामायण कथा का नाटकीय मंचन,
हिंदुओं के दुलारे ने संसार को दिखाया कि आप दुनिया जीत सकते हैं विनम्रता और अनुशासन
उत्तर भारत में रावण, उसके पुत्र मेघनाद और भाई कुंभकर्ण के विशाल पुतले जाते हैं जलाए,
जबकि दक्षिण भारत में आयुध पूजा की जाती जिसमे औजारों, वाहनों और यंत्रों को साफ कर जाते सजाए
GANESH CHATURTHI ( MAY GANESHA’S BLESSING LIGHT UP YOUR LIFE )
हिंदुस्तान के तीन राज्यों में बेहद लोकप्रिय विनायक चतुर्थी हे गणेश चतुर्थी का दूसरा नाम,
यह दस दिन तक चलना वाला उत्सव है मनाने को गणेश जी का जन्म
हर रोज पूजा अर्चना कर मोदक, लड्डू और दूर्वा (एक प्रकार की घास) किये जाते हे अर्पित,
अपार भक्ति और उत्साह, पूरे जश्न के साथ अंत में उनकी प्रतिमा को जल में करते विसर्जित
इन्हे विघ्नहर्ता भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है बाधाओं को लगाना पार,
बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता सहायक बनते करने में सपनो को साकार
महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक के अलावा सम्पूर्ण भारत में मनाये जरूर पूरे ठाठ-बाट और चहल पहल,
परन्तु मिट्टी की मूर्तियाँ और कृत्रिम तालाबों का उपयोग कर बनाये इसे पर्यावरण अनुकूल
RAKSHA BANDHAN ( SYMBOL OF LOVE & BOND BETWEEN SIBLINGS )
भाई बहन का रिश्ता हे जन्मजात,
यह चलता और निभाया जाता जीवन पर्यन्त
रक्षा बंधन वाले दिन इसलिए निकलता चाँद पूरा,
कही भाई बहन का प्यार न रहे जाए अधूरा
भगिनी अपने अनुज या अग्रज के लिए चुनती राखी एक से बढ़कर एक,
बहना को यह उत्सुकता रहती क्या मिलने वाला हे नेक
सिस्टर्स भर भर के खिलाओ मिठाई,
भाइयो वक़्त आ गया ढीली करने को अपनी कमाई
PONGAL ( CONCLUSION OF HARVEST FESTIVAL & GRATITUDE TO LORD SURYA )
फसल की कटाई के बाद खुशी अथवा समृद्धि का प्रतीक है पोंगल,
यह उत्सव जुड़ा है एक विशेष खीर के बनने से लाके उसमे उबाल
इसका मंगल कार्यक्रम ग्रामीण भारत में सामुदायिक एकजुटता को दर्शाता,
सूर्य देव की आराधना कर भरपूर फसल के लिए आभार व्यक्त करता
दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में मनाया जाता पूरे धूमधाम,
जटिल पैटर्न बनाकर चावल के आटे या रंगीन पाउडर का उपयोग कर घर के प्रवेश द्वार को सजाते जिसको कहते कोलम
प्रकृति की शक्तियों और कृषि में सहायक पशुओं और लोगों को धन्यवाद देना है इसका विशेष उल्लेख,
विभिन्न राज्यों में अलग अलग नाम से जाने वाले इस पर्व के बारे में यह ज्ञात हुआ वीरराघव स्वामी मंदिर के एक शिलालेख
ONAM ( SYMBOLIZING PROSPERITY, UNITY & CULTURAL PRIDE )
केरल का एक प्रमुख त्योहार है ओणम जिसे कहते हे मलयालम नव वर्ष,
यह महान राजा महाबली की वार्षिक घर वापसी की याद में जश्न होता सम्पूर्ण हर्ष
एक ऐसे राजा को दर्शाता जिन्होंने अपनी प्रजा के लिए निस्वार्थ बलिदान दिया तो इसलिए इस अवसर पर महाबली शब्द का प्रयोग करते गर्व, केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को प्रदर्शित कर अथम नक्षत्र से लेकर थिरुवोणम नक्षत्र तक दस दिन चलता यह पर्व
इसे मनाते उपलक्ष में भगवान विष्णु द्वारा महाबली को साल में एक बार अपनी प्रजा से मिलने देने की इजाजत,
खुद के और अपने प्रियजनों की समृद्धि और सफलता के लिए ओणम का दिल खोलकर करते स्वागत
इस दौरान, लोग अपने घरों को फूलों से सजाते, और लेते पारंपरिक नृत्य और संगीत का आनंद,
परम्पराये जैसे जटिल फूल कालीन और नाव दौड़ में शामिल होकर स्वादिष्ट भोजन (ओणम सद्या) का लेते स्वाद