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SHOES ( DESIGNED FOR PROTECTION, COMFORT & FASHION )
जूते पर्यावरण के बाहरी कारक जैसे नुकीली वस्तुएं, खुरदरी सतहें, अत्यधिक तापमान से हे बचाते,
चलने और अन्य गतिविधियों में सुधार के लिए कुशनिंग, सपोर्ट और स्थिरता प्रदान करते
पैरों, टखनों, और घुटनों पर तनाव कम कर वजन को समान रूप से करते हे वितरित,
गतिशीलता के अलावा मुद्रा और संतुलन में भी हो सकता सुधार गर 'शूज' का चुनाव हो उचित
उद्देश्यों चाहे जॉगिंग, माउंटेन क्लाइम्बिंग, हाईकिंग, खतरों से बचना हो या खेलना कोई स्पोर्ट,
व्यावहारिक सुरक्षा से लेकर फैशन स्टेटमेंट तक, तरह तरह की ड्रेस की शोभा बढ़ाने में हे इसका फुल सपोर्ट
मटेरियल होता इसमें कैनवास, सिंथेटिक, रबर, लेदर,
सोल, इन्सोल, ऊपरी हिस्सा, हो या हील मुहैया कराते इसे विशिष्ट फीचर
SLIPPERS ( A LIGHT FOOTWEAR INTENDED TO BE WORN INDOORS )
हवाई चप्पल, जिसे बहुत सुगमता से पहना या उतारा जा सकता इस्तेमाल होती घर के अंदर,
आराम और सुरक्षा देने के साथ ही इसमें बंधा हुआ नहीं बल्कि एकदम खुला रहता हे पैर
अच्छी ग्रिप और कुशनिंग वाली चप्पल सबके लिए हैं बेहद जरुरी,
हल्की और रबर की होने के कारण काफी कम समय में तय कर सकते दूरी
एक ग्रहणी इसका सबसे ज्यादा और दिन भर उपयोग करती,
कीटाणुओं, गंदगी और संभावित चोटों से बचाकर, फुट की हाइजीन मेन्टेन रखती
इनका नाम एक आइलैंड के नाम पर पड़ा है जो हे हवाई,
एक्यूप्रेशर स्लिपर्स कुछ मामलो में स्थगित कर सकती लेनी दवाई
SANDALS ( LIGHTWEIGHT FOOTWEAR TO SHOW ONE’S TOES )
सैंडल एक हल्का, हवादार, खुला फुटवियर है, जो गर्मियों के लिए सबसे ज्यादा हे उचित,
इसमें इस्तेमाल होने वाला मटेरियल इसके लुक को ही नहीं बल्कि स्थायित्व, आराम और कीमत को भी करती प्रभावित
आदर्श हे यह हवा का संचार करने में, और पैरो को लगाने में धूप,
पसीने से बचने के लिए, शूज की तुलना में आसानी के लिए एकदम अनुरूप
चप्पल में एक सोल (तलवा) होता है जो पट्टियों या पट्टों से पैर से रहता है जुड़ा,
जिसका नौ, दस या उससे ऊपर के साइज का जूता हो फिट, उसका "पाँव" दिखता इसमें काफी बड़ा
कई अलग-अलग प्रकार के होते हैं, जैसे कि स्ट्रैपी, ग्लेडिएटर, हील, स्पोर्ट्स, फ्लैट
चरण और फुटबेड के किनारे के बीच लगभग आधा मिमी की जगह हो तो वो सैंडल होती फिट
SNEAKERS ( FOR CASUAL WEAR & LIGHT ATHLETIC ACTIVITIES )
स्नीकर्स चोट की रोकथाम करते हे दौड़ने, जॉगिंग करने, चलने, या कोई स्पोर्ट्स खेलने जैसी गतिविधियाँ शारीरिक,
आर्च सपोर्ट, कुशनिंग और ट्रैक्शन, जैसी विशेषताओं की कमी के कारण यह आमतौर पर तीव्र खेल के नहीं लायक
इसका उपयोग करते व्यापक रूप से रोजमर्रा में भी या प्रयोजन जो हो सकता सौंदर्य,
नाइके ही नहीं, प्यूमा, गुच्ची, एडिडास, रीबॉक समस्त अन्य को मिला लक्ज़री ब्रांड का ऐश्वर्य
यह आराम और फ़ैशन का एक अनूठा मिश्रण प्रदान करते हैं, जो बढ़ावा देता कई लोगो में इसे खरीदने की चाहत ,
इसके रंगों और शैलियों की विस्तृत विविधता अवसर देती करने को अपनी व्यक्तिगत फ़ैशन समझ को अभिव्यक्त
फुटवियर के तौर पर कैर्री किया जा सकता इसको आपकी अलमारी में मौजूद कई सारी ड्रेस,
स्टाइलिश आउटफिट्स के साथ मैच करने पर समग्र लुक देकर सामने वाला हो जाये इम्प्रेस
BOOTS ( USED FOR FASHION & OCCUPATIONAL NEEDS )
बूट्स एक प्रकार का जूता है जो पैर और टखने को ढकता है, और कभी-कभी पिंडली का हिस्सा निचला
सर्दियों से बचाव हो , ट्रैकिंग, रोजमर्रा या स्टाइलिश लुक के लिए हो, आवश्यकतानुसार सही चुनाव करने की हो कला
इसके प्रकार हो सकते जैसे हाइकिंग, स्नो, हाइकिंग, राइडिंग, फैशन, काउबॉय,
सुरक्षात्मक प्रयोग करते औद्योगिक क्षेत्रों में हिफ़ाज़त हेतु या खनन हो एलॉय
सूट बूट में आया कन्हैया यह गाना तो आपने सुना ही होगा,
एक व्यक्ति के लिए ही फुटवियर में सबसे ज्यादा वेरिएशन इसमें देखने को मिलेगा
लेस, बकल, समायोज्य पट्टियाँ या इन विधियों के संयोजन से बंद कर पैरो को रखा जाता सुरक्षित,
तेंदुए प्रिंट, चेल्सी हो ,या घुटने तक ऊंचे हो बूट कैज़ुअल और फॉर्मल दोनों ही तरह के आउटफिट में देते स्मार्टनेस में बढ़त
KOLHAPURI CHAPPAL ( A TYPE OF HANDCRAFTED SANDAL )
कोल्हापुरी चप्पलें हस्तनिर्मित चमड़े की सैंडल हैं, इसका नाम ऐसा पड़ा क्यूंकि इनकी उत्पत्ति हुई क्षेत्र कोल्हापुर,
यह एक प्रसिद्ध और लोकप्रिय जूते की शैली है, जिस कारण इनका वितरण फैला हुआ हे सम्पूर्ण भारत में दूर दूर
महाराष्ट्र और कर्नाटक द्वारा साझा जीआई टैग इस तरह की चप्पल को मान्यता देकर करता प्रामाणित,
इससे आप नकली और असली की पहचान कर, अधिकृत कारीगर के कौशल को कर सकते सरंक्षित
पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करते, जिसमें वनस्पति टैनिंग पेचीदा डिज़ाइन ब्रेडिंग, और जटिल हाथ की सिलाई है शामिल,
सिर्फ फुटवियर नहीं विरासत का हे प्रतीक, स्टाइलिश हे और उचित रखरखाव से लम्बे समय तक साथ निभाने के काबिल
अद्वितीय डिजाइन, स्थायित्व और आराम के लिए जाने जाते हैं, कई तरह के परिधानों के लिए हे विकल्प ख़ास,
चलते समय उत्पन्न होती विशिष्ट ध्वनि "थपथप" वाली इस "पादुका" का अत्यंत प्राचीन हे इतिहास
JUTTI / MOJARI ( KNOWN FOR SLIP-ON-DESIGN )
जूती होती हस्त निर्मित, दक्षिण एशियाई में लोकप्रिय हे मुख्य रूप से भारतीय और पाकिस्तानी पदत्राण हे जिसका इतिहास जुड़ा है मुगल काल,
ऐसे ही मोजरी जिसकी विशिष्ट विशेषता हे पैर का मुड़ा हुआ अंगूठा भी हाथ से बनती, अक्सर अलंकृत होती मोतियों, कौड़ी के गोले, पीतल की कील
इसकी डिज़ाइन की पहचान है जटिल कढ़ाई, जिसमें इस्तेमाल किया जाता है ज्यादातर सोने या चांदी का धागा,
सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए गर इसे भारतीय पोशाक के साथ धारण किया जाए तो हे सोने पे सुहागा
जूती हो या मोजरी आधुनिक फैशन में भी अपनी जगह बनाकर, डिज़ाइनरो ने शामिल की इसमें शैली समकालीन,
चाहे कैसुअल हो या कोई औपचारिक आयोजन हर तरह के परिधान से मैच कर यह अच्छा विकल्प हे आपातकालीन
हालांकि मूल डिज़ाइन एक समान रहता है, लेकिन अलग-अलग हो सकती विभिन्न क्षेत्रों में जूतियों की शैली और सजावट
आम तौर पर चमड़े से बने होते हैं, लेकिन मखमल और ब्रोकेड जैसी अन्य सामग्रियों का भी उपयोग करते इसकी बनावट
KHADAU/ PADUKA ( ASSOCIATED WITH RELIGIOUS FIGURES )
खड़ाऊ और पादुका दोनों ही आम तौर पर बने होते हैं लकड़ी,
इसमें एक उठा हुआ मंच होता है जिस पर टिके होते पंजे और एड़ी
साधुओं की चेतना और जागरूकता बनाये रखने से लेकर ध्यान और साधना में सहायक होने तक का मिला इसे दर्जा,
पृथ्वी के साथ न्यूनतम संपर्क, और गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को कम कर मदद करती संरक्षित करने में सकरात्मक ऊर्जा
यह छवि है गुरु की एक पारंपरिक प्रतीकात्मक, उनके पवित्र चरणों का प्रतिनिधित्व करती और पूजनीय है कृपा के स्रोत,
हो सकता रक्त परिसंचरण में सुधार, तनाव और दर्द कम, क्यूंकि माना जाता हे कि यह एक्यूप्रेशर बिंदुओं को करते उत्तेजित
अब भी सांस्कृतिक महत्व लिए हुए आधुनिक दुनिया में इसे संतों द्वारा धारण किया जाता विशेषकर धर्म जैन अथवा बौद्ध,
धार्मिक स्थल पर या ऑनलाइन देखने को मिल जायेगी परन्तु अन्य प्रकार के जूतों की तरह हर स्टोर पर आसानी से नहीं उपलब्द्ध
LOAFERS ( LACELESS, LOW CUT DESIGN )
लोफ़र्स एक प्रकार के स्लिप-ऑन जूते हैं, जिसकी विशेषता हे कम-कट डिज़ाइन और आमतौर पर सपाट या कम एड़ी,
क्लासिक और परिष्कृत शैली लिए हुए फीते या बकल रहित होने के कारण आसानी से चढ़ाये या उतारे जा सकते बड़ी
इसे दोनों तरह से धारण कर सकते मोज़े या बिन मोज़े,
अपनी जरुरत और पसंद अनुसार ऑनलाइन खोजे
आमतौर पर टखने को उजागर कर आते यह बहुमुखी लुक और होते स्टाइलिश,
आरामदायक होने के अलावा, आप कई तरह की पोशाको के साथ कर सकते इसकी आजमाइश
चाहे यह किल्टेड, डबल मोंक्स्ट्रैप, ड्राइविंग शू,टस्सेल, फॉर्मल पंप, ड्राइविंग शू, स्लिपर हो या हॉर्सबिट,
आरामदायक रहते हुए भी कैज़ुअल या आंशिक औपचारिक परिधानों में परिष्कार का स्पर्श देते हुए इसके लिए रहते फिट
PESHAWARI CHAPPAL
PESHAWARI CHAPPAL ( KNOWN FOR DISTINCTIVE DESIGN )
पेशावरी चप्पल भारत में लोकप्रिय हैं महत्वपूर्ण जूते के रूप में जो सांस्कृतिक होने के बावजूद हे फैशनेबल,
अपनी मजबूती तथा अनूठी डिजाइन के लिए प्रसिद्ध अपने मूल स्थान से परे भी विख्यात हो गए हैं यह पारंपरिक सैंडल
इसकी बनावट में रहती दो चौड़ी पट्टियाँ जो क्रॉस करके तलवे से होती हैं जुडी,
पश्तून पहचान का प्रतीक अपेक्षाकृत हे सस्ती , चारो और भी एक पट्टा होता इर्दगिर्द एड़ी
वैसे तो यह पश्तून लोगों की सभ्यता गहराई से हे निहित, परन्तु इसकी ख्याति भारत सहित दक्षिण एशिया के अन्य भागों में गयी हे फ़ैल
कई विक्रेता कस्टमाइज्ड साइज और यहां तक कि विशिष्ट डिजाइन अनुरोध भी प्रदान करते हैं, जिस कारण बढ़ गयी हे और भी इनकी अपील
कुर्ता-पायजामा, शेरवानी और अन्य ट्रेडिशनल पोशाक के लिए उपयुक्त इसका नाम पेशावर शहर से लिया गया है, जहां से इसकी हुई थी उत्पति,
हल्के वजन के होने पर भी टिकाऊपन होना, मुलायम चमड़े तथा अंदर की ओर बने सोल के चलते मिलने वाले आराम के लिए हे जानी जाती